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एवरेज ट्रू रेंज (ATR) - बाजार की उतार-चढ़ाव को समझें

संलग्नक
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एवरेज ट्रू रेंज (ATR) एक ऐसा संकेतक है जो बाजार की उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। इसे वेल्स वाइल्डर ने अपनी किताब "न्यू कॉन्सेप्ट्स इन टेक्निकल ट्रेडिंग सिस्टम्स" में पेश किया था। तब से, इस संकेतक का उपयोग कई अन्य संकेतकों और ट्रेडिंग सिस्टम में किया जाता रहा है।

एवरेज ट्रू रेंज, ATR

एवरेज ट्रू रेंज अक्सर बाजार के निचले स्तर पर उच्च मान तक पहुँच सकता है, खासकर जब कीमतों में तेज गिरावट के कारण घबराहट में बिक्री होती है। जब बाजार स्थिर होता है या ऊपर की ओर बढ़ता है, तो संकेतक के निम्न मान सामान्य होते हैं। इस संकेतक को अन्य उतार-चढ़ाव संकेतकों की तरह समझा जा सकता है। इसका मतलब है कि यदि संकेतक का मान अधिक है, तो प्रवृत्ति के बदलाव की संभावना अधिक है; और यदि मान कम है, तो प्रवृत्ति की गति कमजोर होती है।

गणना

सच्ची रेंज (True Range) निम्नलिखित तीन मानों में से सबसे बड़ा होता है:

  • वर्तमान उच्चतम और न्यूनतम (high और low) के बीच का अंतर;

  • पिछले बंद मूल्य और वर्तमान उच्चतम के बीच का अंतर;

  • पिछले बंद मूल्य और वर्तमान न्यूनतम के बीच का अंतर।

एवरेज ट्रू रेंज संकेतक, सच्ची रेंज के मानों का एक चलती औसत होता है।

तकनीकी संकेतक का विवरण

ATR का पूरा विवरण यहां उपलब्ध है।

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