
आज हम बात करेंगे फ्रैक्टल स्तरों के बारे में, जो ट्रेडिंग में एक महत्वपूर्ण संकेतक हैं। चलिए जानते हैं कि ये संकेतक कैसे काम करते हैं और इन्हें कैसे उपयोग में लाया जा सकता है।
फ्रैक्टल संकेतक की विशेषताएँ
फ्रैक्टल संकेतक का एक बड़ा फायदा यह है कि आप इसे अपने तरीके से कस्टमाइज़ कर सकते हैं। यहाँ कुछ मुख्य बातें हैं:
- फ्रैक्टल का कंधा: आप यह निर्धारित कर सकते हैं कि कंधा कितने बार से बना होना चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर कंधा (FractalBars पैरामीटर) 3 पर सेट है, तो एक फ्रैक्टल बनाने के लिए 7 कैंडल्स की जरूरत होती है।
- प्रतिरोध और समर्थन स्तर: प्रत्येक बने हुए फ्रैक्टल से एक क्षैतिज रेखा खींची जाती है। ये रेखाएँ 'फ्रैक्टल' समर्थन-प्रतिरोध रेखाएँ बनाती हैं।
एक छोटी सी टिप यह है कि जब आप इस संकेतक का उपयोग करते हैं, तो इसे तीन MA संकेतकों के साथ नहीं, बल्कि DEMA संकेतक के साथ मिलाकर इस्तेमाल करने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
तो दोस्तों, अगली बार जब आप ट्रेडिंग करें, तो इन फ्रैक्टल स्तरों का अच्छे से उपयोग करना न भूलें। इससे आपके ट्रेडिंग निर्णय और भी मजबूत हो सकते हैं!